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ASHALI SURAT DIKHATA

प्रभु श्री राम के स्वागत के लिए 7.5 करोड़ का दीपक बन कर तैयार,कल जलाया जाएगा दीपक

प्रभु श्री राम के स्वागत के लिए 7.5 करोड़ का दीपक बन कर तैयार,कल जलाया जाएगा दीपक

प्रभु श्री राम के स्वागत के लिए 7.5 करोड़ का दीपक बन कर तैयार,कल जलाया जाएगा दीपक

अयोध्या -राम की पवन नगरी प्रभु श्री राम के स्वागत के लिय सज चुकी है और कई रिकॉर्ड बनाने के लिए भी तैयार है। अयोध्या में इस बार सबसे बड़ा दीपक जलाने का भी रिकॉर्ड बनाया जाएगा, जिसकी तैयारो सोरो से चल रहे है | इस दीपक को तैयार करने में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये का खर्च आएगा।दीपक की लम्बाई करीब 108 फिट है ।इस दीपक को जलने दस हजार लीटर तेल और करीब सवा कुंतल की बत्ती होगी |और यह  22 जनवरी राम लला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले 19 जनवरी को नवमी तिथि के दिन जलाया जाएगा |इस दीपक का निर्माण  जगतगुरु आचार्य परमहंस के द्वारा कराया जा रहा है |
इस मौके पर दुनिया का सबसे बड़ा दीपक जलाने की तैयारी हो रही है।
 मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या है राम मंदिर का जो यह आंदोलन रहा यह बड़ा लंबा चला विगत 500 वर्षों से राम भक्तों ने संघर्ष किया उम्मीद ही नहीं छोड़ी संघर्ष नहीं छोड़ा कई राम भक्तों ने अपने प्राणों तक को छोड़ दिया और जब गोलियां चली थी तो राम भक्तों के सीन कम नहीं पड़े गोली कम पड़ गई थी आज करोड़ राम भक्तों का बलिदान करोड़ राम भक्तों के निष्ठा करोड़ राम भक्तों का संघर्ष है कि आज जो भारत के नायक है राष्ट्र के गौरव में सनातनियों के आराध्य भगवान है और मानव मात्र के आदर्श ऐसे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम लाल का दिव्य राम मंदिर निर्माण का कार्य प्रथम तालुका संपन्न हुआ 22 जनवरी 2024 मध्यान 12:20 पर भगवान श्री राम लाल अपने वैकल्पिक्स दिव्या राम मंदिर में विराजमान होंगे उसको लेकर के अयोध्या में तरह-तरह की तैयारी चल रही है अब क्योंकि यह रामनगरी का रामघाट वाला आज भी यहां दिखा परिणाम नगरी रामघाट यहां से कुछ विशेष होना चाहिए जहां पर प्रभु श्री राम खेले हैं स्नान किए हैं राम जी की समितियां यहां से जुड़ी हुई हैचाचा की देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 140 करोड़ देशवासियों से अपील किया जिस दिन राम मंदिर का उद्घाटन हो उसे दिन राम ज्योति जलाएं दिवाली मनाएं बिना दिया की दिवाली तो हो ही नहीं सकती है और दिवाली का यह त्यौहार जो है राम जी से ही शुरू हुआ है मैं बताना चाहूंगा कि त्रेता युग में भगवान श्री राम जो माता-पिता के आदेश का पालन करके 14 साल वनवास चले गए थे 14 साल सुनी  हो गई थी कोई त्यौहार नहीं मनाया गया 14 साल के बाद जब लंका विजय करके प्रभु श्री राम अयोध्या आते हैं तो खुशी में इतने दिए जलाए गए उस दिन  दिवाली का त्योहार बन गया 1008 तन मिट्टी से बना हुआ दिया है 10000 लीटर तेल और सवा कुंटल की बत्ती से यह 19 जनवरी को नवमी तिथि के दिन जलाया जायगा जो दीपक तैयार किया गया है जो विश्व का सबसे बड़ा दीपक होगा त्रेता युग की परिकल्पना का रूपीस को बनाया गया है सभी तीर्थ का जल है समुद्र का जल है और 40 कुंतल देसी गाय के देसी घी से इसको बनाया गया है यह तैयार हो गया है विशेष मशीन में कोलकाता से मंगा रहा हूं इसको पकाने के लिए जो 18 को आ जाएगी और आज का तो जानते ही रात भर में जो है मशीनों का योग है दीपक तैयार हुआ है और सारी तैयारी हो चुकी है भगवान की इच्छा से रामलाल प्राण प्रतिष्ठा महा महोत्सव का जो उत्साह है उमंग है यह पूरे देश में व्याप्त है उसी में हम लोग भी लगे हैं |
https://youtu.be/3EpP4GVta8Y